मध्य प्रदेश के बाद बिहार देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जहां हिंदी में भी मेडिकल की पढ़ाई होगी। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था सरकार ने प्रभावी कर दी है। छात्र अपनी पसंद के हिसाब से अंग्रेजी अथवा हिंदी में पढ़ाई का विकल्प चुन सकने के लिए स्वतंत्र होंगे।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरुप नीट (यूजी) परीक्षा-2024 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए इसी सत्र से हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम राज्य में लागू होगा।
अनुशंसा के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश की पहल पर यह ऐतिहासिक व्यवस्था प्रभावी की गई है। नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी की अनुशंसा के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया है।
भोपाल में हिंदी भाषा में मेडिकल की पढ़ाई हो रही है
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मेडिकल पाठ्यक्रम की पढ़ाई हिंदी में कराने को लेकर तीन सदस्यीय पदाधिकारियों के एक दल का गठन किया था। जिसने गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल जाकर अध्ययन किया। वहां हिंदीभाषा में मेडिकल की पढ़ाई हो रही है। कमेटी की अनुशंसा के आधार पर मध्य प्रदेश द्वारा लागू व्यवस्था को बिहार में भी लागू किया गया है।
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