नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में देश के 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दूरी बनाई। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा बिहार के सीएम नीतीश कुमार को लेकर होती रही। हालांकि जेडीयू की तरफ से कहा गया कि बैठक में सीएम नीतीश के शामिल नहीं होने के सियासी मायने न निकालें जाएं। कुछ व्यक्तिगत कारणों से उनका मीटिंग में शामिल होना संभव नहीं हो पाया। बैठक में 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल शामिल हुए। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने यह जानकारी दी। बैठक में गांवों में गरीबी को शून्य स्तर पर लाने यानी इससे पूरी तरह समाप्त करने के विचार पर गहन चर्चा हुई। सुब्रमण्यम ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वालों में बिहार, केरल के अलावा तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पुदुचेरी हैं।सुब्रमण्यम ने कहा, ‘यह बैठक इस बात के लिए थी कि राज्यों के विकास को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है और उसमें कैसे योगदान दिया जा सकता है। अगर उन्होंने भाग नहीं लिया तो यह उनका नुकसान है।’ सीईओ ने बैठक से बाहर चली गईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में कहा कि उन्होंने दोपहर के भोजन से पहले बोलने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि राज्यों के नाम के हिसाब से उनकी बारी दोपहर में आती। सुब्रमण्यम ने कहा कि जब मुख्यमंत्री का समय समाप्त हुआ, तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बस माइक थपथपाया। इस पर उन्होंने बोलना बंद कर दिया और बाहर चली गईं। हालांकि पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बिहार के बारे में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में विधानसभा सत्र में व्यस्त होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
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