न्यूयॉर्क। अमेरिका में पढ़ाई करने के लिए अपने कागजात में हेरफेर करने के आरोप में गिरफ्तार भारतीय छात्र को अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुए एक समझौते के तहत भारत वापस भेज दिया जाएगा। आरोपी ने जिंदा पिता की झूठी मौत के भी बना डाले दस्तावेज और फिर अमेरिका में पुलिस ने पकड़ा तो राज से सारे पर्दे उठ गए।
जानकारी अनुसार आर्यन आनंद (19) नामक युवक ने शिक्षण सत्र 2023-2024 में पेंसिल्वेनिया के लेहाए विश्वविद्यालय में एडमीशन के लिए फर्जी दस्तावेज जमा कराए थे। विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र की पिछले माह की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आनंद ने एडमीशन और आर्थिक मदद के लिए दस्तावेजों में हेरफेर की है। विश्वविद्यालय में एडमीशन और स्कॉलरशिप प्राप्त करने की गरज से उसने अपने जिंदा पिता की मौत का भी झूठा दावा किया। इस मामले को लेकर मजिस्टेरियल डिस्ट्रिक्ट जज जॉर्डन निस्ले की अदालत में आनंद के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। यहां पर आनंद की जमानत राशि 25 हजार अमेरिकी डॉलर बताई गई क्योंकि उसे जालसाजी करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। इसके साथ ही बताया गया कि उसे एक से तीन माह की सजा भी सुनाई गई। अब एक समझौते के तहत आनंद को भारत वापस लौटना होगा। उसे रिहा करते हुए अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन के अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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