बेंगलुरु। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट इस साल दिसंबर में लॉन्च करेगा। इसमें इंसान को नहीं भेजा जाएगा। मिशन की दूसरी फ्लाइट में रोबोट व्योम मित्र और तीसरी उड़ान में चार अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाएगा। इसरो ने अभी दूसरी और तीसरी उड़ान का समय नहीं बताया है।
इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ ने बताया कि मिशन के रॉकेट के हार्डवेयर श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर पहुंच चुके हैं। वहीं त्रिवेंद्रम के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में क्रू-मॉड्यूल पर काम जारी है। उम्मीद है कि नवंबर तक यह काम पूरा हो जाएगा। गगनयान का मानव मिशन 3 दिनों का होगा, जिसके तहत एस्ट्रोनॉट्स के दल को 400 किमी ऊपर पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा। इसके बाद क्रू मॉड्यूल (जिसमें एस्ट्रोनॉट बैठते हैं) को सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड कराया जाएगा। भारत इस मिशन में कामयाब रहा तो वह ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, चीन और रूस ऐसा कर चुके हैं।
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