नई दिल्ली । केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने समाज सुधारक और आध्यात्मिक नेता श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने के संगठित प्रयास की आलोचना की है। मुख्यमंत्री विजयन ने दावा किया कि गुरु एक महान ऋषि थे, जिन्होंने सनातन धर्म को पार किया। सीएम विजयन ने वर्कला में 92वें शिवगिरी तीर्थयात्रा का उद्घाटन कर कहा, श्री नारायण गुरु को सनातन धर्म के वकील और प्रस्तावक के रूप में चित्रित करने का एक संगठित प्रयास चल रहा है। हालांकि, गुरु सनातन धर्म के समर्थक नहीं थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके बजाय, नारायण एक महान ऋषि थे जिन्होंने इस पार किया, इसके कठोर ढांचे को खत्म कर आधुनिक समय के लिए उपयुक्त नए युग के धर्म की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म कोई और नहीं बल्कि वर्णाश्रम धर्म है, जिसे गुरु के नए युग के मानवतावादी धर्म द्वारा चुनौती दी गई थी।
वहीं विजयन की टिप्पणी पर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि नया साल शुरू हो गया है लेकिन उनकी मानसिकता सनातन का अपमान करने वाली अभी भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयानों की लंबी शृंखला का हिस्सा है। अब वामपंथियों को लग रहा था कि कांग्रेस वोट बैंक की राजनीति में उनसे आगे निकल गई है और उस अतिवादी वोट बैंक को वापस पाने के लिए वे हिंदू आस्था और सनातन पर इसतरह के बयान देने लगे है।
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