रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान जननायक और अंतिम काकतीय राजा महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव की पुण्यतिथि (25 मार्च) के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि महाराजा भंजदेव न केवल बस्तर के गौरव थे, बल्कि जनजातीय अस्मिता, आत्मसम्मान और अधिकारों की आवाज़ भी थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव जी ने बस्तर की जल, जंगल और ज़मीन के साथ-साथ जनजातीय समाज के हक और सम्मान के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया। श्री साय ने कहा कि उनका ग्रामीणों से गहरा आत्मीय संबंध था। वे आदिवासी समाज की आवाज़, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव का जीवन, विचार और बलिदान आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन हम सभी को परंपरा और मूल्यों की रक्षा करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए सतत कार्य करने की प्रेरणा देता है।
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