रायपुर
एसीबी की टीम ने आज सक्ती जिले में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) राजेंद्र कुमार पटेल को अपने ही कार्यालय के बाबू से 15000 रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह कार्रवाई बीएमओ कार्यालय डभरा के बाबू की शिकायत पर की गई. एसीबी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एसीबी इकाई बिलासपुर की टीम ने पिछले डेढ़ साल में 35 ट्रैप की कार्रवाई है।
6 अक्टूबर 2025 को वार्ड नंबर 12 डभरा, जिला सक्ती निवासी उमेश कुमार चंद्रा बीएमओ कार्यालय डभरा में बाबू के पद पर पदस्थ है. उन्होंने एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत की थी कि उसकी यात्रा भत्ता बिल की राशि 81000 रुपए का भुगतान पूर्व में हो चुका है. राशि भुगतान होने के एवज में डभरा के बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल ने उससे 32500 रुपए रिश्वत की मांग की. बीएमओ 16500 रुपए ले लिए हैं. 16000 रुपए की और मांग की जा रही है, जिसे वह बीएमओ को नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता है.
जांच में शिकायत सही पाई गई. इसके बाद एसीबी ने बीएमओ को रिश्वत लेते पकड़ने का जाल बिछाया. मोलभाव पर आरोपी ने 15000 रुपए लेने सहमति दी, जिस पर ट्रैप की योजना तैयार की गई. आज प्रार्थी को रिश्वती रकम 15000 रुपए आरोपी को देने के लिए भेजा गया. बीएमओ राजेंद्र कुमार पटेल डभरा स्थित अपने कार्यालय में प्रार्थी से 15000 रुपए रिश्वत ले रहा था, इस दौरान एसीबी की टीम ने बीएमओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा और रिश्वत रकम को आरोपी से बरामद किया.
अचानक हुई कार्रवाई से आसपास हड़कंप मच गया. पकड़े गए आरोपी से रिश्वत की रकम 15 हजार रुपए जब्त कर एसीबी की टीम रिश्वतखोर बीएमओ के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई कर रही है. एसीबी ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
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