नई दिल्ली । शिक्षा निदेशालय राजधानी के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी दिव्यांग विद्यार्थियों की चिह्नित करने का कार्य करेगा ताकि उनको सभी जरूरी मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निदेशालय ने कहा कि स्थानीय प्राधिकारी दिव्यांग बच्चों की पहचान करने, उनकी विशेष जरूरतों का पता लगाने और इन जरूरतों को किस हद तक पूरा किया जा रहा है, इसके लिए हर पांच साल में स्कूल जाने वाले बच्चों का सर्वेक्षण करेंगे। निदेशालय ने निर्देश दिया कि जांच के लिए प्रशस्त जांच चेकलिस्ट का उपयोग करेंगे। निदेशालय ने कहा कि इस शैक्षणिक वर्ष के लिए स्कूल में कुल नामांकन में से कम से कम तीन प्रतिशत दिव्यांग छात्रों की पहचान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निदेशालय ने निर्देश दिया कि कक्षा शिक्षकों, विषय शिक्षकों, विशेष शिक्षा शिक्षकों के लिए प्रशस्त स्क्रीनिंग चेकलिस्ट और प्रशस्त मोबाइल एप के उपयोग पर अभिविन्यास कार्यक्रम प्रत्येक स्कूल में स्कूल के नियमित काम में बाधा डाले बिना आयोजित किया जाएगा। वहीं, सभी कक्षा, विषय व विशेष शिक्षा शिक्षकों के लिए अपने टेबलेट और मोबाइल में प्रशस्त मोबाइल एप डाउनलोड करना अनिवार्य है। स्क्रीनिंग के लिए संबंधित शिक्षकों द्वारा प्रशस्त मोबाइल एप का उपयोग किया जाएगा। वहीं, पहली से 11वीं तक सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग प्रशस्त एप के माध्यम से की जाएगी।
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