हरियाणा । पिछले 30 दिन से लगातार 43 से 48 डिग्री के बीच दर्ज किए गए तापमान के कारण कपास, मूंग, ग्वार की फसलें झुलस गई हैं। इस कारण फसलों को 30 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। ऐसे में अगर मानसून में एक सप्ताह की देरी हुई तो यह नुकसान 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। धूल भरी आंधी के कारण सब्जियों का उत्पादन घटा है, जिस कारण दाम बढ़ते जा रहे हैं।कृषि उपनिदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि नुकसान का सही आंकड़ा फील्ड के अधिकारियों की रिपोर्ट से ही मिलेगा। लगातार लू चलने तथा तापमान सामान्य से अधिक बने रहने के कारण नुकसान हुआ है। अगेती फसलों में नुकसान सबसे अधिक है। उन्होंने बताया कि इस बार गर्मी के लंबे दौर से मूंग की फसल पर सबसे अधिक नुकसान हुआ।करीब 40 प्रतिशत तक मूंग नष्ट हो चुकी है। कपास में 30 प्रतिशत तक का नुकसान हो चुका है। अगेती ग्वार की फसल 25 से 35 प्रतिशत तक झुलस कर सूख चुकी है। प्रदेश में करीब 10 लाख हेक्टेयर में कपास की बिजाई हुई है। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, रोहतक जिले में कपास को सबसे अधिक नुकसान है।
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